संक्षेप

NPCI ने UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और संबंधित नियमों में हालिया कदमों की घोषणा की है। मुख्य घटनाक्रमों में ‘UPI One World’ वॉलेट का अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सक्रियकरण, मलेशिया के DuitNow के साथ UPI‑QR इंटरकनेक्ट की घोषणा और UPI‑परिनियमन के नए सुरक्षा और प्रदर्शन मानक शामिल हैं।

प्रमुख घोषणाएँ और तिथियाँ

  • India AI Impact Summit (16–20 फ़रवरी 2026) के दौरान NPCI ने ‘UPI One World’ वॉलेट को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सक्रिय करने की घोषणा की।
  • 12 फ़रवरी 2026 को NPCI और मलेशिया के DuitNow के बीच UPI‑QR इंटरकनेक्ट की घोषणा की गई, जो क्रॉस‑बॉर्डर QR भुगतान योजना को सक्षम करेगा।
  • RBI की Payments Vision के तहत UPI को अंतरराष्ट्रीय रूप से लगभग 20 देशों तक फैलाने का लक्ष्य रखा गया है, लक्ष्य अवधि 2028–29 तक का है।

क्रॉस‑बॉर्डर लेन‑देन का आकार

सरकारी और उद्योग रिपोर्टों के अनुसार क्रॉस‑बॉर्डर UPI लेन‑देन में तेज़ी आई है। IBEF की रिपोर्ट (26 अगस्त 2025) में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024–25 (FY25) में क्रॉस‑बॉर्डर UPI लेन‑देन लगभग 7.55 लाख से अधिक दर्ज किए गए और मूल्य में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और नए इंटरकनेक्शन कदमों से जुड़ी नीतियों के साथ मेल खाती है।

सुरक्षा और प्रदर्शन नियम (1 अगस्त 2025 से लागू)

NPCI ने 1 अगस्त 2025 से लागू होने वाले नए सुरक्षा और प्रदर्शन मानक जारी किए:

  • पहली ट्रांजैक्शन‑स्टेटस जांच के लिए कम‑से‑कम 90 सेकंड का इंतज़ार करना अनिवार्य है।
  • किसी लेन‑देन के संबंध में 2 घंटे की अवधि में अधिकतम तीन स्टेटस‑चेक की अनुमति दी गई है।
  • AutoPay कार्यान्वयन को ऑफ‑पीक में निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है ताकि नेटवर्क पर लोड संतुलित रहे।
    ये नियम UPI इकोसिस्टम की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए हैं।

वॉल्यूम‑कैप और नियमन की समय‑सीमा

NPCI ने UPI ऐप्स के लिए प्रस्तावित 30% वॉल्यूम‑कैप लागू करने की समय‑सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। यह विस्तार लागू होने वाली सीमा और समय‑सीमा पर स्टेकहोल्डर्स को समायोजित करने के लिए दिया गया अतिरिक्त समय दर्शाता है।

अर्थ और अगले कदम

इन घोषणाओं और नियमों का कुल प्रभाव कई स्तरों पर देखा जा सकता है: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक वॉलेट सेवाएँ, मलेशिया जैसे देशों के साथ सीधे इंटरकनेक्ट से भुगतान स्वीकार्यता बढ़ना, और नेटवर्क‑स्तर पर सुरक्षा व प्रदर्शन मानकों के जरिए भरोसा बनना। RBI की Payments Vision में तय अंतरराष्ट्रीय विस्तार लक्ष्यों (≈20 देश तक, 2028–29) के मद्देनजर यह कदम UPI को ग्लोबल भुगतान अवसंरचना के रूप में मजबूत करने की दिशा में उठाए गए तार्किक कदम दिखते हैं।

Sources