सारांश
28 फ़रवरी 2026 को संयुक्त राज्य और इज़राइल ने ईरान पर समन्वित वायु/मिसाइल हमले किए। उसी दिन ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी व मित्र देशों के ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से प्रतिशोध किया। इस घटना से क्षेत्रीय हवाई मार्गों और सैनिक ठिकानों की सुरक्षा प्रभावित हुई और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिम बढ़ गया।
मुख्य घटनाक्रम
- 28 फ़रवरी 2026: संयुक्त राज्य और इज़राइल द्वारा ईरान पर समन्वित हवाई/मिसाइल हमले रिपोर्ट किए गए।
- उसी दिन ईरान ने प्रतिशोध में ड्रोन तथा बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग कर इज़राइल और खाड़ी में अमेरिकी/मित्र देशों के ठिकानों पर हमला किया।
ईरान में प्रभाव
ईरानी अधिकारियों ने तेहरान में नागरिक हताहत और बड़े नुकसान की सूचना दी। देश में इंटरनेट तथा संचार में बाधाओं की रिपोर्ट भी आईं। इन बयानों के अनुसार हमलों से नागरिक इलाकों में प्रभाव और संचार अव्यवस्था दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीति
रूस ने अमेरिका-इज़राइल हमलों की कड़ी निंदा की। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया।
इससे पहले, फरवरी 2026 की शुरुआत में ओमान मध्यस्थता में परमाणु-केंद्रित अप्रत्यक्ष वार्ता हुई थी और कुछ कूटनीतिक गतिविधियाँ जारी थीं; हाल की हवाई हमलों के कारण उन वार्ताओं पर असर पड़ा और वे प्रभावी रूप से बाधित हो गईं।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
घटना ने क्षेत्रीय हवाई मार्गों और सैनिक ठिकानों की सुरक्षा को प्रभावित किया। विशेषज्ञों और अधिकारीयों के अनुसार इस प्रकार के हमलों से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिम बढ़ जाता है और क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि देखने को मिलती है।
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