09 फ़रवरी 2026 को राज्यसभा में बजट बहस के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार को कई आर्थिक और सामाजिक नीतिगत सुझाव दिए। उनका भाषण बजट विश्लेषण के सन्दर्भ में रखा गया और इसमें कर नीतियों, मध्यमवर्ग राहत और सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च पर ज़ोर दिया गया।
इक्विटी निवेश और LTCG
चड्ढा ने इक्विटी निवेशक‑व्यक्तियों (individual investors) पर लगाए जाने वाले लॉन्ग‑टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) कर को समाप्त करने की माँग की। उन्होंने तर्क दिया कि LTCG कर व्यक्तिगत छोटी‑मध्यम निवेशकों पर असर डालता है और दीर्घकालिक निवेश को हतोत्साहित कर सकता है।
डेरिवेटिव्स पर STT और दीर्घकालिक निवेश
उन्होंने डेरिवेटिव्स पर स्टाम्प‑टैक्स/ट्रांज़ैक्शन‑चेंज टैक्स (STT) वृद्धि का स्वागत किया, पर साथ ही कहा कि यदि STT और LTCG दोनों को बनाए रखा गया तो यह दीर्घकालिक निवेश के लिये बाधक बन सकता है। चड्ढा ने संकेत दिया कि कर संरचना पर समग्र प्रभाव देखकर निर्णय लेना चाहिए ताकि निवेश पर दीर्घकालिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिले।
मध्यमवर्ग के लिये मानक कटौती का प्रस्ताव
मध्यमवर्ग को आर्थिक राहत देने के संदर्भ में चड्ढा ने आयकर में मानक डिडक्शन (standard deduction) वर्तमान ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.5 लाख करने का प्रस्ताव रखा। उनका प्रस्ताव कर‑योग्य आय घटाकर सीधे तौर पर कर भार कम करने की दिशा में था।
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर नीतीगत आग्रह
चड्ढा ने देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर होने वाले व्यय को वर्तमान में लगभग 0.5% GDP बताया और कहा कि इसे बढ़ाकर 2.5% GDP के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च को बढ़ाने को सरकार की प्राथमिकता बनने का आग्रह किया।
NRI निवेश सीमा और FII निकासी पर टिप्पणी
बजट भाषण के सन्दर्भ में चड्ढा ने NRI निवेश सीमा बढ़ने की सराहना की। साथ ही उन्होंने विदेशी संस्थागत निवेश (FII) निकासी के कारणों की जाँच व विश्लेषण करने का सुझाव दिया ताकि पूंजी प्रवाह‑सम्बन्धी जोखिमों का समाधान किया जा सके।
नोट: ये बिंदु 09 फ़रवरी 2026 को राज्यसभा में बजट बहस के दौरान राघव चड्ढा के दिये गये भाषण पर आधारित हैं।
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