संक्षेप
रक्षा मंत्रालय की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय नौसेना ने पश्चिमी अरब सागर में 30+ युद्धपोत तैनात किए और 230+ व्यापारी जहाज़ों का एस्कॉर्ट सुनिश्चित किया। इन एस्कॉर्ट ऑपरेशनों के तहत लगभग 90 लाख मीट्रिकटन माल (≈US$4 अरब) सुरक्षित रखा गया।
प्रमुख घटनाएँ
- जनवरी 2024 में नौसेना ने अरबी सागर में एक हाइजैक्ड व्यापारी जहाज़ वापस लिया और चालकदल को सुरक्षित निकाला।
- मार्च 2024 में भी नौसेना ने एक बुल्क कैरियर पर नियंत्रण हासिल कर चालकदल को निकालने की कार्रवाई की (AP रिपोर्ट)।
तैनाती और नीतिगत कारण
2023 के अंत से हौथी विद्रोहियों द्वारा रेड सी व गल्फ ऑफ एडेन में ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत ने रेड सी/अरब सागर में एस्कॉर्ट और वारशिप तैनाती तेज कर दी। पारंपरिक एंटी‑पायरेसी उपस्थिति के साथ ही गल्फ ऑफ एडन पर निरंतर वारशिप उपस्थिति और हाइब्रिड एस्कॉर्ट ऑपरेशन्स जारी हैं।
अंतरराष्ट्रीय समन्वय
भारत ने यूरोपीय और अमेरिकी नौसेनाओं सहित अंतरराष्ट्रीय अभियानों के साथ निगरानी और एस्कॉर्ट में समन्वय किया है। विशिष्ट उदाहरणों में EU Aspides और अन्य साझा प्रयासों के साथ तालमेल का उल्लेख रिपोर्टों में मिलता है।
आगे के संकेत
प्रारंभिक 2026 की रिपोर्टों में यह विचार उठाया गया कि भारतीय नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जहाज़ों के एस्कॉर्ट पर भी विचार कर सकती है। यह कदम मौजूदा समुद्री सुरक्षा चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों की सुरक्षा के संदर्भ में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट और घटनाओं से स्पष्ट है कि भारत ने नियमित एंटी‑पायरेसी से आगे बढ़कर क्षेत्रीय अस्थिरता के मद्देनज़र रेड सी व अरब सागर में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिसमें जहाज़ों का प्रत्यक्ष एस्कॉर्ट, हाइजैकिंग मामलों का समाधान और बहुल राष्ट्रिय समन्वय शामिल हैं।
Sources:
- Business Standard — Indian Navy deployed 30 ships, responded to over 25 incidents: MoD
- USNI News — Indian Navy Retakes Merchant Ship From Hijackers in the Arabian Sea
- AP News — India’s navy takes control of bulk carrier hijacked by Somali pirates and evacuates crew (16 Mar 2024)
- India Today — Jaishankar on deployment of Indian Navy warships in Red Sea amid Houthi attacks
- Wikipedia — Operation Sankalp